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Wednesday, April 15, 2015

31 रन पर आउट होने के बावजूद जीता मैच

 क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और इसका एक उदाहरण मंगलवार को श्रीलंका में देखने को मिला। यहां एक टीम 31 रन पर आउट होने के बावजूद मैच जीतने में कामयाब रही। यह मुकाबला श्रीलंका की एक प्रीमियर चैंपियनशिप में खेला गया।

असिरी करुणारत्ने की शानदार गेंदबाजी के चलते श्रीलंका एयर फोर्स स्पोर्ट्स क्लब ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। करुणारत्ने ने 21 रन देकर पांच विकेट झटके जिससे गॉले स्पोर्ट्स क्लब की पहली पारी 15.1 ओवर में 31 रनों पर सिमट गई ।
एयर फोर्स स्पोर्ट्स क्लब ने अपनी पहली पारी में 215 रन बनाए। इससे पहली पारी में क्लब को 184 रनों की बढ़त मिल गई। गॉले की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 295 का स्कोर बना दिया। श्रीलंका के अंडर-19 बल्लेबाज चारिथ असलंका ने शानदार शतक लगाया। अब एयरफोर्स की टीम के सामने जीत के लिए 112 रनों का लक्ष्य था। लेकिन एयर फोर्स की टीम 107 रनों पर आउट हो गई।

यह 1924 के बाद पहली पारी में बनाया गया सबसे कम विनिंग टोटल है। ग्लॉस्टरशायर ने मिडिलसेक्स के खिलाफ 31 रन बनाए थे। पहली पारी में सबसे कम स्कोर 1827 में बना था जो इंग्लैंड ने सस्सेक्स के खिलाफ बनाया था।


Tuesday, April 14, 2015

सहवाग जैसे महान खिलाड़ियों के साथ खेलना शानदार अनुभव रहा- मैक्सवेल

ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल ने भारत के विस्फोटक बल्लेबाज विरेन्द्र सहवाग की तारीफ करते हुए कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग की किंग्स इलेवन पंजाब में वीरेंद्र सहवाग के साथ खेलने का अवसर मिला। आईपीएल आठ के पहले दो मैचों में अपने बल्ले की चमक बिखेरने में नाकाम रहे मैक्सवेल ने कहा, आगे बढऩे के साथ आप सीखते हो। वीरू (सहवाग) जैसे खेल के महान खिलाड़ियों के साथ खेलना शानदार अनुभव रहा।

उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि पहले मुझे सचिन के साथ खेलने का भी मौका मिला। यह शानदार प्रतियोगिता है जिसका हिस्सा आप बन सकते हो। मैक्सवेल से जब पूछा गया कि क्या वह और सहवाग नेट पर कुछ विशेष चीजों पर चर्चा करते हैं तो उन्होंने कहा, हम खेल को लेकर नियमित तौर पर चर्चा करते हैं और हम क्या रवैया अपनाएंगे। वह हमेशा मुझे कहता है कि कुछ भी को अपनी प्रकृति के अनुसार खेलो और बाहर जो भी आलोचना हो रही है उस पर ध्यान मत दो।

पिछले साल किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से अपने पहले सत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले मैक्सवेल मौजूदा सत्र में अब तक अपने चिरपरिचित अंदाज में खेलने में नाकाम रहे हैं। मौजूदा फॉर्म के बारे में पूछने पर मैक्सवेल ने कहा, उतार चढ़ाव क्रिकेटर के करियर का हिस्सा होते हैं और उम्मीद करता हूं कि मैं जल्द ही लय में आ जाउंगा और कोई समस्या नहीं होगी।


आइस हॉकी संघ को गंभीर ने चार लाख रुपये का दिया दान


कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर ने आज भारतीय आइस हॉकी संघ (आईएचएआई) को चार लाख रुपये का दान दिया। बता दें कि कुवैत में एशियाई स्तर के टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम के प्रतिनिधित्व के लिए आईएचएआई ने एक वेबसाइट बनाकर मदद की अपिल की थी।

कुवैत में 18 से 24 अप्रैल तक होने वाले आईआईएचएफ आइस हाकी चैलेंज कप एशिया डिविजन एक में हिस्सा लेने के लिए कोष जुटाने के भारतीय टीम के अभियान के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व उप कप्तान ने नैतिक जिम्मेदारीके तौर पर खेल का समर्थन करने का फैसला किया।

यहां शहर के माल में आइस हॉकी टीम के कप्तान सेवांग ग्याल्टसन को चार लाख रुपये का चैक सौंपते हुए गंभीर ने कहा, सबसे खराब यह है कि खिलाड़ी पैसे की कमी के कारण देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए। यह सबसे बदतर चीज है। आखिर वे टीम इंडिया है फिर वे भले ही किसी भी खेल में देश का प्रतिनिधित्व करें।

भारतीय टीम को टूर्नामेंट में सफलता की शुभकामना देते हुए गंभीर ने कहा, किसी भी खिलाड़ी के लिए किसी अन्य खेल का समर्थन करना सम्मान की बात है विशेषकर आइस हाकी जो भारत में काफी लोकप्रिय नहीं है। उम्मीद करता हूं कि इस समर्थन के साथ वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और देश को गौरवांवित करेंगे।



विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने आईपीएल में लगाया 200वां छक्का

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की तरफ से खेल रहे कैरेबियाई विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने आईपीएल करियर में 200वां छक्का लगाकर एक अनोखी उपलब्धि हासिल की।

क्रिस गेल ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपने आईपीएल करियर का 200वां छक्का लगाया। गेल छक्के जड़ने के मामले में पहले से ही नंबर वन थे लेकिन अब उन्होंने इस मामले में दोहरा शतक लगाकर पहाड़ को और ऊंचा कर दिया है। उनके इस आंकड़े तक पहुंचना किसी और खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होने वाला क्योंकि इस मामले में उनके पीछे जो खिलाड़ी दूसरे नंबर पर है उसके नाम 134 छक्के ही हैं। वो खिलाड़ी हैं चेन्नई सुपरकिंग्स के सुरेश रैना।

आईपीएल इतिहास में छक्के जड़ने के मामले में शीर्ष 5 खिलाड़ी इस प्रकार हैं-

1. क्रिस गेल (बैंगलोर)- 70 मैचों में 200 छक्के।

2. सुरेश रैना (चेन्नई)- 117 मैचों में 134 छक्के।

3. रोहित शर्मा (मुंबई)- 114 मैचों में 130 छक्के।

4. यूसुफ पठान (केकेआर)- 108 मैचों में 116 छक्के।

5. एमएस धोनी (चेन्नई)- 114 मैचों में 115 छक्के।


दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी कोच पद से हटे एलेन डोनल्ड

पूर्व तेज गेंदबाज एलेन डोनल्ड दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजी कोच पद से हट गये हैं। वह पिछले चार वर्ष से इस पद पर काबिज थे। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं डोनल्ड को टीम और खिलाड़ियों को पिछले चार वर्षों में दिये उनके योगदान के लिये धन्यवाद देता हूं। डोनल्ड ने दक्षिण अफ्रीका के लिये मैदान और मैदान के बाहर हमेशा योगदान दिया और वह राष्ट्रीय टीम के लिये हमेशा अहम रहेंगे।’’


उन्होंने कहा कि डोनल्ड कोच के तौर पर अपना अंतरराष्ट्रीय अनुभव और जानकारी टीम में लाये और हम उन्हें भविष्य के लिये शुभकामनाएं देते हैं।’’ पूर्व तेज गेंदबाज ने जून 2011 में यह पद संभाला था।

        इस बीच 48 वर्षीय डोनल्ड ने कहा कि उनका मानना है कि कोच पद छोड़ने का उनके लिये यह सही समय है। उन्होंने कहा कि मैं खिलाड़ियों, कोचों और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका का उनके समर्थन के लिये शुक्रगुजार हूं। मुझे विश्वकप के बाद कुछ समय मिला और मैंने यह सोचा कि अब मेरे लिये इस पद को छोड़ने का समय आ गया है। मैं हमेशा ही दक्षिण अफ्रीका के लिये काम करना चाहता था और मैं खुशनसीब हूं कि मुझे इसका मौका मिला। मेरे लिये पिछले चार वर्ष अहम रहे और टीम के साथ विश्वकप का हिस्सा बनना मेरा सपना था।’’
         
डोनल्ड ने दक्षिण अफ्रीका के लिये 1991 से 2003 तक 72 टेस्ट और 164 वनडे खेल। वह पहले दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर रहे जिन्होंने 300 टेस्ट विकेट का आंकड़ा छुआ।



Friday, April 10, 2015

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान और मशहूर कमेंटेटर रिची बेनो का निधन

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान और मशहूर कमेंटेटर रिची बेनो का सिडनी में निधन हो गया है। वे 84 साल के थे। रिची लंबे समय से त्वचा कैंसर से जूझ रहे थे।  रिची की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को तीन बार एशेज सीरीज में जीत मिली थी। 6 अक्टूबर 1930 को पैदा हुए रिची ने अपना क्रिकेट करियर 1952 से शुरू किया था। 63 टेस्ट खेलने के बाद 1964 में संन्यास ले लिया था।

उन्होंने अपनी दूसरी पारी बतौर कमेंटेटर शुरू की, जहां उन्हें खूब कामयाबी मिली। ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में खेलने जाने वाले मैचों में उनकी आवाज अलग ही पहचानी जाती थी। दुनियाभर में क्रिकेट प्रेमी उन्हें 'वॉइस ऑफ क्रिकेट' के नाम से भी जानते थे।
2013 में हुए एक सड़क हादसे में उन्हें गहरी चोट लगी थी। रिची की मौत पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंती टोनी एबॉट ने ट्वीट किया, यह क्रिकेट के लिए एक दुखद दिन है। सचिन तेंडुलकर, अनिल कुंबले समेत तमाम भारतीय क्रिकेटरों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।


Thursday, April 2, 2015


ब्रेंडन मैकुलम सर रिचर्ड हैडली पदक से सम्मानित


न्यूजीलैंड के कप्तान और स्टार क्रिकेटर ब्रेंडन मैकुलम को देश का सर्वोच्च क्रिकेट सम्मान सर रिचर्ड हैडली पदक दिया गया है। मैकुलम ने केन विलियमसन और ट्रेंट बोल्ट को पछाडकर यह पदक जीता। 33 वर्षीय मैकुलम न्यूजीलैंड को पहली बार विश्व कप फाइनल तक ले गये जहां उसे ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट से हराया।

 नौ मैचों में 188.50 के स्ट्राइक रेट से 328 रन बनाने वाले मैकुलम को आईसीसी टूर्नामेंट की टीम का कप्तान भी चुना गया। वहीं, विलियमसन को प्रथम श्रेणी बल्लेबाजी के लिए रेडपाथ कप और बोल्ट को गेंदबाजी के लिए विंसर कप दिया गया।  विलियमसन को 2014 - 15 में वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर, वनडे क्रिकेटर और टेस्ट क्रिकेट चुना गया था। आठ अप्रैल से कई कीवी खिलाड़ी आईपीएल में अलग- अलग टीमों के लिए खेलेंगे। मैकुलम चेन्नई सुपर किंग्स टीम के सदस्य होंगे।


Tuesday, March 31, 2015

विश्वकप 2015 कई खिलाड़ियों के संन्यास के लिए भी किया जायेगा याद


विश्व कप 2015 का सफल समापन हो गया। ऑस्‍ट्रेलियाई टीम एक बार फिर से अपनी बादशाहत कायम रखने में कामयाब रही। ऑस्‍ट्रेलिया ने 29 मार्च को मेलबर्न के एतिहासिक मैदान में खेले गये खिताबी भिड़ंत में न्‍यूजीलैंड की टीम को रौंदकर ट्रॉफी पर कब्‍जा जमाया।
न्‍यूजीलैंड की टीम पहली बार विश्व कप के फाइनल मुकाबला में पहुंची थी। सात बार सेमीफाइनल का मुकाबला खेल चुकी न्‍यूजीलैंड की टीम ने इतिहास रचते हुए पहली बार फाइनल में जगह बनायी, लेकिन फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया की टीम ने जिस तरह से सभी विभागों में पटकनी दी ऐसा कतई नहीं लगा की न्‍यूजीलैंड की टीम अपने पूल में सबसे बेहतरीन टीम बन कर फाइनल में जगह बनायी। बहरहाल ऑस्‍ट्रेलिया एक बार फिर से आईसीसी विश्व कप में अपनी बादशाहत कायम कर ली है।

इस विश्व कप में सभी 14 टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया को विश्व कप का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन कंगारूओं से आखिरकार पार नहीं पा सका और सेमीफाइनल में ही हार कर स्‍वदेश वापस हो गयी। विश्व कप 2015 को कई मायनों में याद किया जाएगा। इस विश्व कप को कई महान खिलाडियों के विदाई के रूप में याद किया जाएगा।

कुछ खिलाडियों ने पहले से ही वनडे से संन्‍यास की घोषणा कर दी थी, कई खिलाडियों ने अपनी टीम के खराब प्रदर्शन और विश्व कप से बाहर होने के कारण संन्‍यास ले लिया। वनडे से संन्‍यास लेने वाले महान खिलाडियों में ऑस्‍ट्रेलिया के कप्‍तान माइकल क्‍लार्क, श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने, पाकिस्‍तान टीम से बूम-बूम शाहीद अफरीदी, यूनिस खान और कप्‍तान मिसबाह उल हक।

आइये एक-एक कर इन खिलाडियों के कैरियर पर नजर डालें

* माइकल क्‍लार्क - माइकल क्‍लार्क ऑस्‍ट्रेलिया के बेहतरीन कप्‍तानों के रूप में जानें जाएंगे। क्‍लार्क ने मौजूदा विश्व कप में अपनी टीम को विश्व विजेता बनाया है। क्लार्क इसके साथ ही एलेन बार्डर (1987), स्टीव वा (1999) और रिकी पोंटिंग (2003 और 2007) के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिये विश्व कप जीतने वाले चौथे कप्तान हो गए। 34वां जन्मदिन मनाने जा रहे क्लार्क ने 245 वनडे में 7981 रन बनाये जिसमें आठ शतक और 58 अर्धशतक शामिल हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के लिये टेस्ट क्रिकेट खेलते रहेंगे।





* कुमार संगकारा - मौजूदा विश्व कप में श्रीलंकाई टीम भले ही क्‍वार्टर फाइनल में ही बाहर हो गयी, लेकिन श्रीलंकाई टीम के पूर्व कप्‍तान और महान खिलाड़ी कुमार संगकारा के लिए विश्व कप 2015 बहुत खास रहा है। संगकारा ने इस विश्व कप में कई रिकार्ड अपने नाम किये। संगकारा विश्व के एक मात्र खिलाड़ी बन गये हैं जिन्‍होंने विश्व कप में लगातार चार शतक जमाया।
संगकारा किसी एक विश्व कप में चार शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन गये हैं। उन्होंने मार्क वॉ ( 1996 ), सौरव गांगुली ( 2003 ) और मैथ्यू हेडन ( 2007 ) के रिकार्ड को तोड़ा जिन्होंने इससे पहले एक टूर्नामेंट में तीन - तीन शतक लगाये थे। यही नहीं यह पहला अवसर है जबकि किसी एकदिवसीय श्रृंखला या टूर्नामेंट में कोई बल्लेबाज चार शतक लगाने में सफल रहा। इससे पहले 17 अवसरों पर किसी एक टूर्नामेंट में या श्रृंखला में एक बल्लेबाज ने तीन - तीन शतक लगाये थे। अपनी इस पारी के दौरान संगकारा ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 2000 वनडे रन भी पूरे किये। वह डेसमंड हेन्स ( 3067 ) और विव रिचर्ड्स ( 2769 ) के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे गैर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज हैं। संगकारा ने आस्ट्रेलियाई धरती पर अब तक 2038 रन बना लिये हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपना पांचवां शतक लगाया जो कि श्रीलंका की तरफ से नया रिकार्ड है।

* महेला जयवर्धने - श्रीलंका के दायें हाथ के बल्‍लेबाज महेला जयवर्धने ने अपनी टीम के लिए कई रिकार्ड पारियां खेली हैं। जयवर्धने ने श्रीलंका की ओर से 448 वनडे मैच खेले और 12,650 रन बनाये। 33।37 के औसत से रन बनाने वाले जयवर्धने ने वनडे कैरियर में 19 शतक और 77 अर्धशतक जमाये। उन्‍होंने मौजूदा विश्व कप में श्रीलंकाई टीम के बाहर होने के साथ ही वनडे से संन्‍यास ले लिया। हालांकि जयवर्धने विश्व कप से पहले ही संन्‍यास की घोषणा कर दी थी।






* शाहीद अफरीदी - पाकिस्‍तान टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी शाहीद अफरीदी ने भी विश्व कप में टीम के बाहर होने के साथ ही वनडे से संन्‍यास की घोषणा कर दी। अफरीदी ने कई रिकार्ड अपने नाम किये। कई सालों तक उनके नाम सबसे कम बॉल पर शतक बनाने का रिकार्ड था। अफरीदी ने 37 गेंदों में शतक बनाया था। अफरीदी का रिकार्ड न्‍यूजीलैंड के बल्‍लेबाज कोरी एंडरसन ने 36 गेंदों में शतक जामाकर तोड़ा था। हालांकि एंडरसन का यह रिकार्ड भी ज्‍यादे दिनों तक नहीं रह सका। एंडरसन के रिकार्ड को दक्षिण अफ्रीका के कप्‍तान एबी डिविलियर्स ने मात्र 31 गेंदों में शतक जमाकर तोड़ा।
अफरीदी ने 395 वनडे मैच खेल और 8,019 रन बनाये। जिसमें उनके 6 शतक और 39 अर्धशतक शामिल हैं। अफरीदी ने न केवल अपने बल्‍ले से कमाल दिखाया बल्कि अपनी फिरकी गेंद से भी कई महान बल्‍लेबाजों को नचाया भी। अफरीदी ने 395 वनडे में 395 विकेट झटके।


* यूनिस खान - पाकिस्‍तानी टीम के मध्‍यमक्रम के रीढ़ माने जाने वाले यूनिस खान ने भी मौजूदा विश्व कप में टीम के बाहर होने के साथ ही वनडे क्रिकेट को सदा के लिए अलविदा कह दिया। यूनिस ने पाकिस्‍तान की और 258 वनडे मैच खेले। जिसमें उन्‍होंने 7,165 रन, 7 शतक और 48 अर्धशतक जमाये। यूनिस ने कैरिसर में तीन विकेट भी झटके।






* डेनियल विटोरी -विश्व कप फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार के बाद न्यूज़ीलैंड की टीम अपने देश पहुंची।तब डेनियल विटोरी ने एलान किया कि विश्व कप का फ़ाइनल उनका आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच था।

* विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन-विटोरी ने इस टूर्नामेंट में बेहतरीन गेंदबाज़ी कर न्यूज़ीलैंड को फ़ाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।उन्होंने नौ मैचों में 20।46 के औसत से कुल 15 विकेट लिए।विटोरी ने 18 साल की उम्र में साल 1997 में अपना करियर शुरू किया।
विटोरी, न्यूज़ीलैंड के सबसे ज़्यादा टेस्ट और वनडे खेलने वाले खिलाड़ी हैं।उन्होंने कुल 113 टेस्ट मैचों में 34।15 के औसत से 362 विकेट लिए हैं। न्यूज़ीलैंड की ओर से उनसे ज़्यादा टेस्ट विकेट सिर्फ़ सर रिचर्ड हैडली के नाम (431 विकेट) हैं।

टेस्ट मैचों में वो चार हज़ार रन और तीन सौ विकेट लेने वाले सिर्फ़ तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले ये कारनामा सिर्फ़ कपिल देव और इयान बॉथम के नाम पर है। विटोरी ने 295 वनडे मैचों में 31।71 के औसत से 305 विकेट लिए हैं। वो वनडे में न्यूज़ीलैंड के सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं।

Wednesday, March 25, 2015

विश्व कप 2015  में भारतीय टीम का सफर

मेलबर्न: भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी विश्वकप-2015 शुरू होने से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जिस खराब दौर से गुजर रही थी, उसे देखते हुए यह संभावना बिल्कुल नहीं जताई जा रही थी कि यह टीम इस बार अपना विश्व खिताब बचा सकेगी।
हालांकि विश्वकप शुरू होने के बाद से भारतीय टीम अलग ही रंग में नजर आ रही है। आईसीसी विश्वकप-2015 में भारत ने ग्रुप चरण के सारे मैच जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है, जहां उसने बांग्लादेश को 192 रनों से हराया। अब भारतीय टीम का सामना सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगा।  
आइए नजर डालते हैं इस विश्व कप में भारतीय टीम के अब तक के सफर पर :

भारतीय टीम ने अभियान का आगाज चिर प्रतिद्वंद्वी टीम पाकिस्तान के खिलाफ किया। इस हाई प्रोफाइल मैच में हर बार की तरह भारतीय टीम एक बार फिर अव्वल साबित हुई और विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ कभी न हारने के रिकॉर्ड को बरकरार रखा।

 भारत ने यह मैच 76 रनों से जीता। विराट कोहली (107) और सुरेश रैना (74) की शानदार पारियों की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान 224 पर सिमट गया। मोहम्मद समी ने चार विकेट हासिल किए।

भारत ने दूसरी जीत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मेलबर्न में दर्ज की। भारत ने यहां एक बार फिर पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 307 रन बनाए। इस बार शिखर धवन का बल्ला चला और उन्होंने 137 रनों की पारी खेली। जवाब में दक्षिण अफ्रीकी टीम 177 पर सिमट गई। विश्वकप इतिहास में दक्षिण अफ्रीका पर भारत की यह पहली जीत रही।

भारत ने अपनी तीसरी जीत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर पर्थ में दर्ज की। भारत के लिए यह एक आसान मैच रहा। भारतीय गेंदबाजों में बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्वकप में किसी एक मैच में सर्वाधिक कम रन पर विपक्षी टीम को समेट दिया। यूएई सिर्फ 102 रन बना सका। इस आसान लक्ष्य को हासिल करने में भारत को खास मुश्किल नहीं हुई और टीम ने 18.5 ओवर में एक विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस मैच में रविचंद्रन अश्विन ने चार विकेट हासिल किए।

तीन शानदार जीत के बाद भारत को टूर्नामेंट में पहली बार वेस्टइंडीज के खिलाफ संघर्ष करना पड़ा। विश्व चैम्पियन भारतीय टीम हालांकि यहां भी चार विकेट से जीत हासिल करने में सफल रहा। वाका स्टेडियम में कैरेबियाई टीम पहले बल्लबाजी करते हुए 182 पर सिमट गई।

भारत को हालांकि इस औसत लक्ष्य को हासिल करने में अपने छह विकेट गंवाने पड़े। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी यहां टूर्नामेंट में पहली बार बल्ले से जौहर दिखाते नजर आए और 45 रनों की नाबाद पारी खेल कर टीम को जीत दिलाई।

शुरुआती चार मैच ऑस्ट्रेलिया में खेलने के बाद पांचवें मैच के लिए भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड का रुख किया और हेमिल्टन में आयरलैंड के खिलाफ अपनी पांचवीं जीत हासिल की। आयरलैंड द्वारा रखे गए 260 रनों के लक्ष्य को भारत ने 37वें ओवर में दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। धवन (100) ने यहां एक बार फिर शतकीय पारी खेली जबकि समी ने तीन सफलताएं हासिल कीं।

न्यूजीलैंड में ही ऑकलैंड के ईडन पार्क में भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में जिम्बाब्वे को छह विकेट से हराया। भारतीय टीम हालांकि 288 के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय 100 रनों के अंदर ही चार विकेट गंवा चुकी थी और मुश्किल में नजर आ रही थी, लेकिन रैना (110 नाबाद) और धोनी (85 नाबाद) ने पांचवें विकेट के लिए 196 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई।
विश्वकप सेमीफाइनल में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की कठिन चुनौती


विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम के सामने ऑस्ट्रेलिया के रूप में अब तक की सबसे कठिन चुनौती होगी और उसे हर विभाग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। छह सप्ताह पहले ही दोनों टीमें टेस्ट और त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला में एक दूसरे से खेल चुकी है जिसमें माइकल क्लार्क की टीम का पलड़ा भारी रहा था।
क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज प्रतिद्वंद्विता और भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के अलावा पिछले कुछ साल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के मैच भी कम प्रतिस्पर्धी नहीं हुए हैं। यह मुकाबला डेविड वार्नर की बल्लेबाजी और मोहम्मद शमी की गेंदबाजी का भी होगा, मिशेल स्टार्क की कहर बरपाती गेंदों और रनों के रूप में शरारे उगलते विराट कोहली के बल्ले का भी होगा, आर अश्विन की कैरम बॉल और ग्लेन मैक्सवेल की आक्रामक बल्लेबाजी का भी होगा। सभी की नजरें कोहली पर होंगी जो पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने के बाद से एक अर्धशतक भी नहीं बना सके है। कोहली हालांकि दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में माहिर हैं और उनके पास यह सबसे बड़ा मौका है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर दोनों टीमें कल एक दूसरे के आमने सामने होंगी तो यह मुकाबला कमोबेश बराबरी का होगा जिसमें पिछले प्रदर्शन मायने नहीं रखेंगे।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के उस शर्मनाक प्रदर्शन का गम भारत ने विश्व कप में शानदार खेल दिखाकर दूर कर दिया। विश्व कप से पहले दिशाहीन लग रही टीम इंडिया का अचानक मानो कायाकल्प हो गया और उसके प्रदर्शन ने विरोधियों को भी चकित कर डाला। आम तौर पर भारत की कमजोर कड़ी मानी जाने वाली गेंदबाजी उसकी ताकत साबित हुई है। मोहम्मद शमी (17 विकेट), उमेश यादव (14) और मोहित शर्मा (11) मिलकर 70 में से 42 विकेट ले चुके हैं। भारतीय गेंदबाजों ने सात मैचों में पूरे 70 विकेट चटकाये हैं।
ऑस्ट्रेलिया के लिये सबसे बड़ी चुनौती सिडनी की पिच होगी, जो उसे रास नहीं आती। इस धीमी पिच पर दक्षिण अफ्रीका ने क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका को हराया था, जिसमें इमरान ताहिर ने चार और जेपी डुमिनी ने तीन विकेट लिये थे। ऐसे में भारत के अश्विन और रविंद्र जडेजा उन पर भारी पड़ सकते हैं। अश्विन 12 विकेट ले चुके हैं और अपनी गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिये परेशानी का सबब बन सकते हैं। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया को टीम में एक अच्छे स्पिनर की कमी खलेगी। उसके पास धीमे गेंदबाज के रूप में सिर्फ स्टीवन स्मिथ हैं।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं :
भारत :
महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अजिंक्य रहाणे, विराट कोहली, सुरेश रैना, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, मोहित शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, अक्षर पटेल, अंबाती रायुडू, स्टुअर्ट बिन्नी।
ऑस्ट्रेलिया :
माइकल क्लार्क (कप्तान), जार्ज बेली, डेविड वार्नर, आरोन फिंच, शेन वाटसन, स्टीवन स्मिथ, ब्राड हाडिन, ग्लेन मैक्सवेल, मिशेल मार्श, जेम्स फाकनेर, मिशेल जानसन, मिशेल स्टार्क, जोश हेजलवुड, पैट कमिंस, जेवियर डोहर्टी।
भारतीय क्रिकेट के लिए वर्ष 2014 रिकॉर्ड,कारनामों और अदालती मामलों के नाम रहा
भारतीय क्रिकेट के लिए वर्ष 2014 रिकॉर्ड और कारनामों के नाम रहा। एकदिवसीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का रिकार्ड दोहरा शतक और विदेशी सरजमीं पर एक बार फिर भारतीय टीम की नाकामी भी खबरों में रही। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन पर नाबाद 264 रन बनाकर एक इतिहास रच दिया।  200 रनों के आंकड़े को सचिन तेंदुलकर ने पहली बार छुआ था, जबकि वीरेंद्र सहवाग और रोहित ने इसे नयी बुलंदियों तक पहुंचाया। हालांकि एकदिवसीय में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टेस्ट में रोहित की फार्म चिंता का कारण बनी रही।

भारत के कई वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिये यह वर्ष अच्छा नहीं रहा। कई खिलाड़ियों को भारत की एकदिवसीय टीम से नजरअंदाज किया गया। सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान और गौतम गंभीर जैसे सीनियर खिलाड़ियों को 2015 विश्व कप के संभावित खिलाड़ियों में जगह नहीं दी गयी।
दूसरी तरफ मैदान के बाहर बीसीसीआई अदालती मामलों में उलझा रहा। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद श्रीनिवासन का निर्वासन जारी रहा। इसके बावजूद हालांकि वह आईसीसी के पहले अध्यक्ष बनने में सफल रहे और भारत को आईसीसी के राजस्व में अब से बड़ा हिस्सा मिलेगा।

श्रीनिवासन गैर मान्यता प्राप्त क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार के सचिव आदित्य वर्मा द्वारा दायर मुकदमों में उलझे रहे। माना जा रहा है कि वर्मा को श्रीनिवासन के विरोधी ललित मोदी से वित्तीय मदद मिल रही है। नये साल में अब यह देखना होगा कि किसे भारतीय क्रिकेट बोर्ड की कमान मिलती है।
भारत की बात करें तो सहवाग और युवराज जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बाहर करने के बावजूद टेस्ट कप्तान के रूप में महेंद्र सिंह धोनी के खराब प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं हुआ और भारत ने दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड में सीरीज गंवाई। भारत विश्व टी20 के फाइनल में श्रीलंका से भी हार गया और इसके साथ ही विरोधी टीम के दो दिग्गज खिलाड़ियों महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा के टी20 करियर का अंत हुआ।

इंग्लैंड में श्रृंखला गंवाने का निराशाजनक पहलू यह रहा कि क्रिकेट का मक्का कहलाने वाले लार्ड्स पर जीत के साथ बढ़त बनाने के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा। इस दौरे पर मोइन अली ने अपनी कामचलाऊ ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान करते हुए 19 विकेट चटकाए. ऑफ स्पिनरों के खिलाफ भारत की परेशानी ऑस्ट्रेलिया में भी उजागर हुई जब नाथन लियोन ने मौजूदा श्रृंखला के पहले टेस्ट में 12 विकेट चटकाकर मेजबान टीम को 48 रन से जीत दिलायी। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट में भी भारतीय टीम को 4 विकेट से हराया और श्रृंखला में 2-0 की बढ़त हासिल की। तीसरे टेस्ट के चौथे दिन तक ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद मजबूत दिख रही है।

वर्ष 2014 में बल्लेबाजी में मुरली विजय के प्रदर्शन में सबसे अधिक सुधार हुआ। अंजिक्य रहाणे ने मध्य क्रम में अपनी जगह लगभग पक्की की। चेतेश्वर पुजारा और रोहित की फार्म में उतार चढ़ाव देखने को मिला लेकिन इन दोनों में इन मुश्किलों से उबरने की प्रतिभा है।गेंदबाजी हालांकि भारत की चिंता का सबब रही। ईशांत शर्मा, वरुण आरोन और उमेश यादव लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ऐसे विकेटों पर अपनी अहमियत साबित करने में नाकाम रहे हैं जो स्पिनरों के अनुकूल नहीं हों। युवा स्पिनर अक्षर पटेल ने सीमित मौकों में अपनी प्रतिभा दिखाई लेकिन उनकी असली परीक्षा ऑस्ट्रेलिया में आगामी त्रिकोणीय श्रृंखला में होगी।
भारत का इंग्लैंड दौरा
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी हार का कसर भारत ने एकदिवसीय श्रृंखला में निकाला। पांच मैचों की श्रृंखला को भारत ने 3-1 से जीत लिया। सीरीज का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था। 2014 में भारत का इंग्लैंड दौरा बेहद ही खराब रहा। पहला टेस्ट मैच ड्रॉ होने और दूसरे टेस्ट में जीत के बाद हर किसी को लगा कि शायद इस बार धोनी के धुरंधर रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब होंगे। पर ऐसा नहीं हुआ, भारत यह सीरीज 3-1 से हारा। दुखद बात यह थी कि सीरीज के आखिरी तीनों मैच में भारत ने ही बेहद शर्मनाक प्रदर्शन किया।
एंडरसन-जडेजा विवाद
10 जुलाई, 2014. पहले टेस्ट का दूसरा दिन। लंच से पहले रवींद्र जडेजा और जेम्स ऐंडरसन के बीच पहले मैदान पर झड़प हुई. फिर उसके बाद लंच के लिए पवेलियन लौटते वक्त एंडरसन ना सिर्फ जडेजा बल्कि कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से भी उलझ पड़े थे। उसके बाद क्या हुआ ये टेस्ट खत्म होने के बाद ही पता चला। आईसीसी आचार संहिता के लेवल तीन के तहत टीम इंडिया ने एंडरसन पर जडेजा के साथ बदतमीजी करने और धक्का मारने का आरोप जड़ा। तो, इंग्लैंड टीम ने भी जडेजा पर खेल भावना से खिलवाड़ का आरोप लगा डाला। आईसीसी ने गॉर्डन लुइस को ज्यूडिशियल कमिश्नर नियुक्त किया। टीम इंडिया के दावों से उलट मामले की सुनवाई कर रही जांच कमिटी ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन को बेगुनाह करार दिया।
आईपीएल
सुरेश रैना के शानदार शतक से चेन्नई सुपर किंग्स ने एकतरफा फाइनल में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर चैंपियंस लीग टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट जीत लिया। जीत के लिए 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए केकेआर ने रैना के 62 गेंद में 109 रन की मदद से नौ गेंद शेष रहते जीत दर्ज की।
बांग्लादेश दौरा
सुरेश रैना की अगुवाई में जून महीने में भारतीय टीम  3 एकदिवसीय मैचों की सीरीज खेलने बांग्लादेश गई। इस सीरीज पर भारत ने 2-0 से कब्जा जमाया। आखिरी एकदिवसीय बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था।
वेस्टइंडीज का भारत दौरा
अक्टूबर महीने में वेस्टइंडीज टीम भारत के दौरे पर आई थी. पर यह दौरा वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच भुगतान विवाद के कारण सुर्खियों में रहा। वेस्टइंडीज खिलाड़ियों ने विवाद के कारण भारत के बचे दौरे से हटने का फैसला किया। इस विवाद के कारण वनडे सीरीज का पांचवां वनडे, एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच और तीन टेस्ट मैच नहीं हो सके।
श्रीलंका का भारत दौरा
हालांकि इससे पहले वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली थी। विराट कोहली की कप्तानी ने टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में इतिहास रच दिया। भारत ने पड़ोसी देश को इस श्रृंखला में 5-0 से हराया।
भारतीय टीम मैनेजमेंट में बदलाव
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रंखला में करारी हार के बाद जागते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड(बीसीसीआई) ने वनडे सीरिज के लिए टीम मैनेजमेंट में बदलाव किया। बीसीसीआई ने टीम के गेंदबाजी और फील्डिंग कोच की छुट्टी कर दी गई। बीसीसीआई ने पूर्व ऑलराउंडर संजय बांगर और पूर्व तेज गेंदबाज बी अरुण को असिस्टेंट कोच नियुक्त किया। आर श्रीधर को टीम का नया फील्डिंग कोच बनाया गया। इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज में बुरी तरह हार के बाद रवि शास्त्री को वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का डायरेक्टर नियुक्त किया गया। भारत ने वनडे सीरीज जीत ली थी। बीसीसीआई ने शास्त्री को अगले साल होने वाले क्रिकेट विश्व कप के लिए भी ये जिम्मेदारी दी है।
बाएं हाथ के अनुभवी स्पिनर मुरली कार्तिक ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने भारत के लिए 1999 से 2007 के बीच आठ टेस्ट मैच में 24 और 37 वनडे मैच खेलते हुए 37 विकेट लिए।
आईसीसी पुरस्कार
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन को आईसीसी वर्ष का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर और आईसीसी वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया। भारत के भुवनेश्वर कुमार को पीपल्स चॉइस अवॉर्ड मिला। एबी डिविलियर्स को साल का बेस्ट वनडे क्रिकेटर चुना गया। महिलाओं में यह सम्मान इंग्लैंड की सारा टेलर को मिला. इंग्लैंड के गैरी बैलंस इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर बने हैं।


विश्व क्रिकेट के लिये दुःख दायी रहा वर्ष 2014, ह्यूज की मौत से सदमें में रहा क्रिकेट जगत

विश्व क्रिकेट के लिये वर्ष 2014 कुछ दुखदायी रहा। ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत के दुख का सामना करना पड़ा जो घरेलू क्रिकेट मैच के दौरान बाउंसर लगने से चोटिल हो गये और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गयी। दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैकस कालिस ने अंतरराष्ट्रीय क्रिेकेट से सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया। वैसे उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट 2013 में ही ले लिया था। एकदिवसीय में 328 मैचों में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करते हुए कालिस ने 11579 रन बनाए. उन्होंने 17 शतक और 86 अर्धशतक भी जड़े।

करीब 18 साल तक अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाज महेला जयवर्धने ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने श्रीलंका के लिए 149 मैच खेले जिसमें 49.84 की औसत से 11814 रन बनाए। इसमें 34 शतक और 50 अर्धशतक भी शामिल हैं।दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कप्तान ग्रीम स्मिथ ने अतंरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व 117 मैचों में किया। टेस्ट की 205 पारियों में उन्होंने 59.67 की औसत से 9265 रन बनाए. इसमें 27 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं।
इंग्लैंड बल्लेबाज केविन पीटरसन का क्रिकेट करियर इसी साल फरवरी में खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया के हाथों एशेज में इंग्लैंड की 0-5 से हार के बाद इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने उनका अनुबंध खत्म कर दिया। इस साल के अंत में पीटरसन ने अपनी आत्मकथा रिलीज की। अपनी किताब में पीटरसन ने पूर्व कोच फ्लावर और कुछ सीनियर खिलाड़ियों पर ड्रेसिंग रूम में 'बुलीइंग कल्चर' को हवा देने का आरोप लगाया। उन्होंने साथी खिलाड़ी मैट प्रायर को ड्रेसिंग रूम का 'माहौल खराब करने वाला' और पूर्व कोच एंडी फ्लावर को 'डर-डरकर फैसले लेने वाला' बताया।
ऑस्ट्रेलिया ने जनवरी महीने में इंग्लैंड को सिडनी में खेले पांचवें और अंतिम टेस्ट में 281 रन की करारी शिकस्त देकर मेहमान टीम पर एशेज क्रिकेट सीरीज में 5-0 से क्लीन स्वीप किया। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने ऑस्ट्रेलिया के हाथों एशेज में मिली करारी हार के बाद टीम के मुख्य कोच एंडी फ्लावर से उनके पद से हटा दिया।

संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए अजमल पर लगा प्रतिबंध, सुनील नरेन की शिकायत
पाकिस्तान के ऑफ स्पिन गेंदबाज सईद अजमल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। दरअसल, उनके गेंदबाजी एक्शन को जांच में अवैध पाया गया। आईसीसी द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि जांच में सभी गेंदों में उनकी कोहनी तय मानक 15 डिग्री से अधिक घूम रही थी।
जादुई स्पिनर सुनील नरेन को चैंपियंस लीग टी-20 के फाइनल में गेंदबाजी से बैन करने के बाद वेस्टइंडीज ने उनका नाम भारत दौरे से वापस ले लिया है। चैंपियंस लीग के आयोजकों ने इस 26 वर्षीय ऑफ ब्रेक गेंदबाज के संदिग्ध गेंदबाजी ऐक्शन के लिए दो बार रिपोर्ट की थी।

श्रीलंका ने जीता एशिया कप
श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट जीत लिया। बांग्लादेश के मीरपुर में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 261 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे उसने 47वें ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।

श्रीलंका बना वर्ल्ड टी20 चैंपियन
2014 वर्ल्ड टी-20 फाइनल में श्रीलंका ने भारत को 6 विकेट से हराकर खेल के इस सुपरफास्ट फॉर्मेट का विश्वचैंपियन बन गया। जीत के लिए 131 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका ने 13 गेंद शेष रहते ये जीत हासिल की।

अन्य समाचार

अपनी धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे पाकिस्तान के कप्तान मिसबाह उल हक ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केवल 56 गेंद पर शतक ठोककर टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक के विव रिचर्ड्स के रिकॉर्ड की बराबरी की। न्यूजीलैंड के हरफनमौला खिलाड़ी कोरी एंडरसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 36 गेंदों में शतक जमाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। एंडरसन ने अपनी पारी की 36वीं गेंद पर 12वां छक्का जमाकर पाकिस्तानी बल्लेबाज शाहिद अफरीदी का 18 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। अफरीदी ने 1996 में श्रीलंका के खिलाफ 37 गेंदों में शतक जमाया था।






Wednesday, April 10, 2013

क्रिकेट का एक ही “वाल” राहुल द्रविड


भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में शुमार तथा द वाल”  के नाम से मशहूर राहुल द्रविड़ ने अपने कॅरियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं पर कभी भी उन्होंने मीडिया में खुलेआम अपने गुस्सा नहीं दिखाया इसकी बजाय उन्होंने अपने प्रदर्शन से अपनी काबिलियत साबित की है।
वर्तमान परिदृश्य में राहुल अपनी योग्यता के बल पर अपने समकालिन क्रिकेटरों से कहीं ज्यादा आगे हैं। इसका ताजा उदाहरण आईपीएल-6 है, जहां सचिन, रिकी पोटिंग, माहेला जयवर्धने, जैक्स कैलिस जैसे खिलाडी खेल रहे हैं, लेकिन राहुल न सिर्फ इन खिलाडियों से ज्यादा अच्छा खेल दिखा रहे हैं, बल्कि अपनी टीम राजस्थान रायल के कोच की भी भूमिका निभा रहें हैं।

यहां तक की एक मैच में तो राहुल ने मैन आफ दी मैच का पुरस्कार भी जीता। राहुल पहले मैच में  दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे और 51 गेंदों पर 65 रनों की आतिशी पारी खेलकर साबित कर दिया कि अच्छी तकनीक फटाफट क्रिकेट में भी काम आती है। द्रविड की गिनती चौके-छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों में नहीं होती, उम्र भी उनकी 40 साल से ज्यादा हो चुकी है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी को देखकर एक बार भी ऐसा नहीं लगा कि वे ट्वेंटी-20 क्रिकेट में मिसफिट हैं।

अपने एक दिवसीय करियर के शुरूआत में संघर्ष करने के बाद द्रविड़ ने लगन और मेहनत से खुद को बेहतर बनाया है। बहुत कम लोगों को यह याद होगा कि एकदिवसीय में द्रविड़ 22 गेंदों में 50 रन बनाने का करिश्मा दिखा चुके हैं। यह स्कोर उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2003 में बनाया था। यहीं नहीं द्रविड़ ने टी20 इंटरनेशनल में 2011 में डेब्यू मैच में ही एक के बाद एक तीन छक्के लगाए थे।

आईपीएल में द्रविड़ का योगदान देखें तो एक पारी बेहद सराहनीय है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरू के खिलाफ आईपीएल के पहले ही सीजन में द्रविड़ ने 36 गेंदों में छह छक्कों की मदद से 75 रन बनाए थे। हाल ही दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ हुए मैच में क्लासी द्रविड़ देखने को मिले।

जब उन्होंने पहली बॉल पर चौका लगाया तो सबको समझ आ गया कि आज द्रविड़ कुछ अलग करेंगे। वही हुआ, अगले कुछ शॉर्ट में द्रविड़ ने अपनी टेक्निकल ब्रिलिएंस का प्रदर्शन किया। जैसे जैसे खेल आगे बढ़ा द्रविड़ को फ्रंट-लेग टाइम क्लियर कर अपने लिए रूम बनाते देख गया।
आईपीएल में द्रविड़ की स्ट्राइक रेट 117.24 है, यह किसी भी बल्लेबाज के लिए टी20 में हाइएस्ट स्ट्राइक रेट 120 से थोड़ा ही कम है। इसके अलावा आईपीएल 6 के पहले मैच के दौरान उन्हें मैदान पर काफी मुस्कुराते हुए देखा गया।

 वह बेहद संजीदा और गंभीर खिलाड़ी हैं और टीम इंडिया में खेलते वक्त भी उन्हें बहुत कम ही मैदान पर हंसते हुए देखा जाता था। पर यहां उनकी मुस्कान यह संकेत दे रही थी कि वे टी20 फॉर्मेट में कम प्रेशर महसूस करते हैं।

सचिन, सौरभ और लक्ष्मण के साथ खेलते हुए राहुल ने अपनी एक अलग ही जगह बनाई है। कई लोग उन्हें एक शांत बल्लेबाज मानते हैं। शुरू में उनकी धीमी बल्लेबाजी की वजह से उन्हें एकदिवसीय मैचों में अधिक मौके नहीं दिए गए पर राहुल द्रविड़ ने एकदिवसीय मैचों में भी ऐसी छाप छोड़ी की दुनिया उनकी कद्रदान हो गई।

साल 1999 और 2003 के विश्व कप में राहुल द्रविड़ ने जो भूमिका निभाई उससे साफ हो गया कि इस दीवार में बहुत जान है। द्रविड़ ने अब तक 153 टेस्ट मैचों की 265 पारियों में 52.40 की औसत से 12314 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 60 अर्धशतक और 32 शतक जमाए हैं।

टेस्ट के विपरीत उन्होंने वनडे में धीमे अंदाज में बल्लेबाजी की है पर वनडे में भी राहुल द्रविड़ का सफर शानदार रहा है। 39.43 की औसत से राहुल द्रविड़ ने 339 मैचों में 10,000 रन बनाए हैं। विश्व क्रिकेट में दस हजार का आकंडा पार करने वाले वह दुनियां के छठे बल्लेबाज हैं। टेस्ट मैचों में 200 से अधिक कैच लेकर वह दुनियां के सबसे अधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी भी हैं।

राहुल द्रविड़ ने हमेशा मुसीबत के समय टीम की हर तरह से मदद की है। जब टीम को एक विकेट कीपर की जरुरत थी तो राहुल द्रविड़ ने यह भूमिका भी निभाई. जब जरुरत एक कप्तान की थी तब उन्होंने कप्तानी संभाली।

राहुल द्रविड़ को मिले पुरस्कार और रिकॉर्ड

अर्जुन अवार्ड : 1998 में राहुल द्रविड़ को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

2000: विजडन क़्रिकेटर ऑफ द ईयर (Wisden Cricketer of the Year 2000)

पद्म श्री : 2004 में राहुल को पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर : 2004 में ही राहुल द्रविड़ को आईसीसी प्लेयर ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा गया था.
पद्मभूषण  :   खेल में अहम योगदान के लिए राहुल द्रविड़ को 2013 में पद्मभूषण सम्मान दिया गया है. टीम इंडिया की दीवार माने जानेवाले राहुल द्रविड़ ने क्रिकेट में अपना अहम योगदान दिया है.
सर्वाधिक कैच : टेस्ट इतिहास में राहुल द्रविड़ सबसे अधिक कैच लेने वाले खिलाड़ी हैं जिनके नाम 200 कैच हैं.

12,000 टेस्ट रन : राहुल द्रविड़ दुनियां के तीसरे और भारत के दूसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके नाम 12,000 टेस्ट रन हैं.

10,000 वनडे रन : राहुल द्रविड़ भारत के तीसरे ऐसे बल्लेबाज हैं जिनके नाम 10,000 से ज्यादा वनडे रन हैं.

85 शतकीय भागीदारी : राहुल द्रविड़ ने अपने अन्य साथी क्रिकेटरों के साथ 85 से अधिक शतकीय भागीदारियां निभाई हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

300 रन से ज्यादा की भागीदारी : राहुल द्रविड़ वनडे के ऐसे इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने एक पारी में 300 से ज्यादा रनों की भागीदारी में हिस्सा लिया है.
सुनील