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Monday, August 16, 2010

लोकप्रिय खेलों की रोमांचक शब्दावली-"फुटबाल और हॉकी-"


फुटबाल दुनिया में सबसे ज्यादा खेले जाने वाले लोकप्रिय खेलों में शुमार है। जब यह खेला जाता है तो दर्शकों की इस खेल के प्रति दिवानगी देखते ही बनती है। इसको खेलना जितना मनोरंजक है, उतना ही इसमें प्रयुक्त होने वाली शब्दावली रोमांचित करने वाली है, तो आइये देखते हैं क्या है इस खेल की शब्दावली-

मिड फील्ड, सेंटर, स्ट्राइकर , पास, बैक पास, गोली, कार्नर, फारवर्ड, पेनल्टी, किक, डायरेक्ट किक, इनडायरेक्ट किक, फ्री किक, ड्रिबल, एक्स्ट्रा टाइम, फाउल, गोल, रेफरी, लाइंसमैन, ऑफ साइड, सीजर्स किक, बनाना किक, विंगर, स्वीपर, बैक, थ्रो इन, वाली, टच लाइन, सेंड ऑफ, नेट, बार्स, टाईब्रेकर, सडेन डेथ, कार्नर फ्लैग, कार्नर किक, फिस्ट, फर्स्ट हाफ, सेकेण्ड हाफ, लॉब, टैकेल, स्लाइडिंग टेकेल, ऑफ साइड, हैट्रिक, हैंडबाल, चिप, फेयर चार्ज, फार पोस्ट, बुकिंग, क्रास, किक आफ, गोल किक, मार्किंग, बाल पास, थ्रू वाल, टोटल फुटबाल, गोल्डन गोल, आदि।

प्रमुख शब्दों का विस्तार-
थ्रो इन- जब गेंद भूमि पर अथवा हवा में स्पर्श रेखा को पार करके पारित रेखा स्थल से अन्त में गेंद स्पर्श करने वाले खिलाड़ी के विपक्षी दल के किसी खिलाड़ी द्वारा किसी दिशा में अन्त:क्षेपित की जाए, तो इसे थ्रो इन कहते हैं।

ऑफ साइड- यदि कोई खिलाड़ी गेंद की अपेक्षा स्वयं विपक्षी गोल रेखा के निकटतम और अपनी ही टीम के खिलाड़ी को सीधा पास दे अथवा चला जाए तो उसे ऑफ साइड कहते हैं।

पेनल्टी किक- नियम विरूध्द खेलने पर किक करने का एक अवसर।

गोल्डन गोल- निर्धारित समय में मैच बराबर न होने की दशा में अतिरिक्त समय में बने गोल को गोल्डन गोल कहा जाता है।

हॉकी-
गोली, राइट बैक, लेफ्ट बैक, आउट साइड राइट, इनसाइड राइट, सेंटर फारवर्ड, इनसाइड लेफ्ट, आउट साइड लेफ्ट, सेटर हाफ, सेंटर लाइन , कार्नर, पेनल्टी स्ट्रोक, पेनल्टी कार्नर, फ्लिक, स्कूप, स्टिक, अम्पायर, लाइन्समैन, हाफ वाली, इनफ्रिंजमेंट, साइड लाइन, टाई ब्रेकर, सडेन डेथ, हैट्रिक, अण्डर कटिंग, सर्किल, बुली, रोड आन, पुश इन, शूटिंग सर्किल।

प्रमुख शब्दों के विस्तार-
बुली- खेल प्रारम्भ होने के समय हॉकी बाल को मारना बुली कहलाता है।

फ्री हिट- जब विपक्षी टीम गेंद को स्वतंत्र रूप से मारती है तो उसे फ्री हिट कहते हैं।

ड्रिब्लिंग- यह हॉकी गेंद को नियंत्रित करने की एक कला है।

जैब एण्ड लंग- गेंद को देना या बाहर करना 'जैब एण्ड लंग' कहलाता है।

पेनाल्टी कॉर्नर- नियम का उल्लंघन करने पर गोल करने का एक अवसर देना 'पेनाल्टी कार्नर' कहलाता है।

पेनाल्टी स्ट्रोक- यह गोल करने का एक आसान अवसर है।

डी- यह अर्ध्दवृत्ताकार एक रेखा है, जो गोल पोस्ट को घेरे रहती है।

एस्ट्रोटर्फ- यह कृत्रिम घास का एक ऐसा मैदान है, जो आधुनिक तकनीक से लोहे के तार पर प्लास्टिक चढ़ाकर बनायी गयी कृत्रिम घास से निर्मित होता है।

Friday, August 13, 2010

भारत में फुटबाल


वर्तमान समय में दुनिया में सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक फुटबाल का खेळ भारत में ब्रिटिश शासन काल के दौरान आया। भारत में इसके बाद बहुत से क्लब अस्तित्व में आये। सन् 1872 में सबसे पहला फुटबाल क्लब कोलकाता में स्थापित हुआ। हांलाकि एक रिपोर्ट के अनुसार यह क्लब रग्बी के खेल का था जो सन् 1894 में फुटबाल के क्लब में परिवर्तित हो गया।

इस समय के अन्य क्लबों में डलहौजी क्लब, ट्रेडर्स क्लब और नौसेना स्वयंसेवक क्लब थे। शुरूआत में फुटबाल केवल ब्रिटिश सेना की टीमों के बीच खेला जाता था लेकिन धीरे-धीरे इस खेल के क्लब पूरे देश में स्थापित किये गये।
पश्चिम बंगाल में सन् 1889 में मोहन बागान एथलेटिक्स क्लब की स्थापना की गई। इस क्लब ने 1911 में हुए आईएफए प्रतियोगिता के फाइनल मैच में पूर्वी यार्कशायर रेजीमेंट को 2-1 से हराकर भारतीय टीम के रूप में एक बड़ी सफलता अर्जित की।

सन् 1893 में कोलकाता में ही भारतीय फुटबाल संघ की स्थापना हुई। लेकिन 1930 तक इस संघ में कोई भी भारतीय नहीं था। इसके बाद सन् 1970 तक भारत की राष्ट्रीय टीम ने भी कई सफलताएं अर्जित की। इस टीम ने ओलम्पिक और फीफा विश्व कप के लिए क्वालिफाई भी किया।

सन् 1950 में ब्राजील में हुए फीफा विश्व कप में भारत ने फाइनल में प्रवेश किया लेकिन जूते न होने के कारण टीम को फाइनल मैच खेलने से रोक दिया गया।
1951 और 1962 में हुए एशियन खेलों में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक भी जीता। इसके साथ ही 1956 में मेलबर्न में हुए ओलम्पिक खेलों में भारत चौथे स्थान पर रहा।

इसके बाद भारत ने लगातार 2007, 2008, और 2009 में नेहरू कप में विजय हासिल की। नेहरू कप के फाइनल मैचों में 2007 में भारत ने सीरिया को 1-0 से, 2008 में तजाकिस्तान को 4-1 से, और 2009 में पुन: सीरिया को पेनाल्टी शूट आउट में 6-5 से हराकर खिताब की रक्षा की और फीफा की जारी ताजा रैंकिंग में 135वें स्थान पर कब्जा जमाया।

भारत में फुटबाल अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ द्वारा प्रशासित है जो एशियन फुटबाल परिसंघ से संबद्ध है। यह परिसंघ फीफा का ही एक अंग है।
ऐसे खेलें फुटबाल
फुटबाल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है। यह खेल आयताकार घास के मैदान में खेला जाता है। फुटबाल का खेल दो टीमों के बीच खेला जाता है। इस खेल का लक्ष्य विरोधी टीम द्वारा मैदान के दोनों किनारों के अंत के बीच में लोहे के राड में बंधे जाल में गेंद को पहुंचाने का होता है जिसको गोल कहते हैं। जो टीम तय समय में जितना ज्यादा गोल करने में सफल होती है उस टीम को विजेता घोषित किया जाता है। अगर तय समय तक कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं होती है तो मैच को अतिरिक्त समय तक या पेनल्टी शूट आउट तक खिंचा जाता है। यह खेल के प्रारूप पर निर्भर होता है।
मैदान का प्रारूप
इस खेल का मैदान 100 मीटर लंबा होता है। मैदान का स्कोरिंग भाग 20 मीटर तथा बैक भाग भी 20 मीटर का होता है तथा मैदान का मध्य भाग 60 मीटर का होता है।

प्रसिद्ध भारतीय फुटबाल खिलाड़ी-

प्रसिद्ध भारतीय फुटबाल खिलाड़ियों में अर्जुन पुरस्कार प्राप्त पी.के.बनर्जी, टी.बालाराम, जरनैल सिंह, अरूण लाल घोष, युसुफ खान, प्रसून बनर्जी, सुधीर कर्माकर, शांति मलिक, बाईचुंग भूटीया, और आई.एम. विजय इत्यादि खिलाड़ी शामिल हैं।
वर्तमान समय में सुनिल छेत्री, क्लिमक्स लाव्रेंस, महेश गवली,शंमुगम वेंकटेश आदि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।